शिव ध्यान मंत्र एक ऐसा साधना माध्यम है जो आपके मन को स्थिर और शांत करने में मदद करता है। यह केवल शब्द नहीं, बल्कि मानसिक ऊर्जा को शिव से जोड़ने का मार्ग है। जब आप इस मंत्र का ध्यान करते हैं, तो मन भीतर की अशांति से दूर होता है। आपके लिए Shiv Dhyan Mantra का सम्पूर्ण लिरिक्स नीचे दिया गया है-
Shiv Dhyan Mantra
करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा,
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं ॥
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व,
जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥
अर्थ : हे शिव भगवान, आप अनंत दयालुता के सागर हैं। कृपया मेरे हाथों और पैरों, शब्दों, मेरी आँखों, कानों और दिमाग से उत्पन्न हुई सभी गलतियों और मेरे कर्मों को, जो जाने या अज्ञात में किए गए हैं, क्षमा करें। आपकी कृपा से मेरा जीवन परिपूर्ण हो। धन्यवाद।
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं,
रत्नाकल्पोज्ज्चलाङ्गं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्।
पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं,
विश्वाद्यं विश्वबीजं निखिलभयहरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्॥
अर्थ : जिनकी श्वेत कान्ति चाँदी के पर्वत की भांति है, जो सुंदर चन्द्रमा को आभूषण मानते हैं, जिनके शरीर की चमक रत्नमय अलंकार से है, उनके हाथ में परशु और मृग, वर और अभय की मूद्राएं हैं, जो आनंदित हैं, पद्मासन में आराम करते हैं, जिनके चारों ओर देवताओं का समूह स्तुति करता है, जो बाघ की त्वचा पहनते हैं, जो विश्व के आदि, जगत की उत्पत्ति के बीज और सभी भयों को नष्ट करने वाले हैं, जिनके पाँच मुख और तीन नेत्र हैं, उन महेश्वर का प्रतिदिन ध्यान करें।
शिव ध्यान मंत्र वह मंत्र है, जिसे हम अपने जीवन में अपनाकर अपने इष्ट देव के सबसे करीब हो सकते हैं। शिव मंत्र का प्रमुख उद्देश्य भगवान शिव की उपासना के माध्यम से मन को शांत करना और उसे आत्मिक ऊर्जा के साथ भर देना है। केवल पाठ करना ही नहीं, बल्कि पाठ करने की विधि को समझना ही इस पाठ के लाभ का वास्तविक मार्ग है।
पूजा स्थल और चित्रों के साथ साधना
आप अपने पूजा स्थल पर शिव के इमेज या प्रतीकों को रखकर ध्यान का अनुभव और गहरा बना सकते हैं। ध्यान करते समय इन्हें देखकर मन स्थिर रहता है और भक्ति का भाव स्वतः जाग्रत होता है। यह दृश्य और फोटो साधना के समय मानसिक एकाग्रता और ध्यान को बढ़ाते हैं।
Dhyan Mantra PDF के रूप में उपयोग
Shiv-Dhyan-Mantra-pdfइसका PDF डाउनलोड करके आप पाठ को कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं। लिखित रूप में मंत्र को देखकर अभ्यास करने से शब्दों और उनकी लय पर ध्यान केंद्रित करना आसान होता है। यह सुविधा विशेष रूप से तब लाभकारी होती है जब आप यात्रा में हों या घर पर शांति से अभ्यास करना चाहते हों।
ऑडियो और वीडियो से ध्यान का अनुभव
Dhyan Mantra को सुनकर अभ्यास करने से मंत्र का सही उच्चारण और लय समझ में आती है। वीडियो और ऑडियो के माध्यम से मंत्र सुनना, पाठ के समय मन को केंद्रित करने में मदद करता है। यह उन भक्तों के लिए विशेष उपयोगी है जो अपने ध्यान अभ्यास को गहराई से और सहज तरीके से करना चाहते हैं।
इस Shiv Mantra का नियमित पाठ मन को शांति और स्थिरता प्रदान करता है। सरल और श्रद्धा पूर्ण अभ्यास से यह मंत्र आपके ध्यान और भक्ति के अनुभव को और गहरा बनाता है। यही अभ्यास आगे चलकर Shiv Beej Mantra और Shiv Puja Mantra जैसी साधनाओं से जुड़ने में मदद करता है, जिससे साधक धीरे-धीरे शिव की उपस्थिति को हर पल महसूस करने लगता है।
FAQ
मंत्र का जाप किसे करना चाहिए ?
इस मंत्र का जाप जो मानसिक रूप से अशांत रहते हैं उन्हें करना चाहिए।
क्या ऑडियो और वीडियो से मंत्र का अभ्यास सही है?
हाँ, इससे उच्चारण और लय समझना आसान होता है।
क्या इस मंत्र को किसी विशेष समय या स्थान पर जाप करना चाहिए?
इस मंत्र को किसी भी समय और किसी भी स्थान पर जाप किया जा सकता है, लेकिन शुद्ध और शांत माहौल में जाप करना अधिक प्रासंगिक होता है।
इस ध्यान मंत्र का जाप कितनी बार किया जाना चाहिए ?
जाप की बारीकी निर्भर करती है, लेकिन साधारणतः लोग १०८ या उससे अधिक बार जाप करते हैं।

मैं रोहन पंडित एक समर्पित शिव भक्त और हरिद्वार के एक शिव मंदिर में पुजारी हूँ। मैं शिव भक्तों को शिव आरती, मंत्र, चालीसा, स्तोत्र और भजनों की व्यापक जानकारी के साथ-साथ पीडीएफ और MP3 उपलब्ध किया हूँ।