शिव अभिषेक मंत्र | Shiv Abhishek Mantra: जल चढ़ाते समय बोले ये मंत्र

शिव अभिषेक मंत्र भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करने का एक प्रमुख साधन है। भगवान शिव का अभिषेक मंत्र के साथ करने से आपके हृदय और मन को शांति और ऊर्जा का सृजन होता है, मनोकामना पूर्ण होता है। इसके लिए Shiv Abhishek Mantra को हमने नीचे लिखा है।

Shiv Abhishek Mantra

ॐ नमः शिवाय

ॐ शर्वाय नम:

ॐ विरूपाक्षाय नम:

ॐ विश्वरूपिणे नम:

ॐ त्र्यम्बकाय नम:

ॐ कपर्दिने नम:

ॐ भैरवाय नम:

ॐ शूलपाणये नम:

ॐ ईशानाय नम:

ॐ महेश्वराय नम:

ॐ नमो नीलकण्ठाय

ॐ पार्वतीपतये नमः

ॐ पशुपतये नम:

ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय

ॐ इं क्षं मं औं अं

ॐ प्रौं ह्रीं ठः

यह केवल शब्दों का जप नहीं है, बल्कि प्रत्येक शब्द में शिव की दिव्यता और आंतरिक शक्ति का अनुभव छिपा होता है।Shivji Ko Jal Chadhane ka Mantra आप किसी विशेष समय को शुभ तथा फलदायी बनाने के लिए भी कर सकते हैं जैसे आप नववर्ष पर, शिवरात्रि पर, सावन के महीने में तथा अन्य खास मौको पर। इन मंत्र के अलावा आप अन्य मंत्र भ्ही अपने जीवन में शामिल कर सकते है – Shiv dhyan mantra, Shiv beej mantra, Shiv namaskar mantra इत्यादि।

Shiv Abhishek Mantra in Hindi Image

एक इमेज में पूरे शिव अभिषेक मंत्र को प्रस्तुत करना पाठक के लिए लाभकारी होता है। इस इमेज को देखकर भक्त मंत्र का जप सही लय और उच्चारण के साथ कर सकता है। इसका उपयोग पूजा स्थल या ध्यान कक्ष में किया जा सकता है, जिससे अभिषेक के समय साधक का अनुभव अधिक प्रभावशाली और केंद्रित हो जाता है।

Abhishek Mantra PDF

Shiv-Abhishek-Mantra-pdf

इसका PDF साधक को मंत्र का शुद्ध रूप और उच्चारण समझने में मदद करता है। PDF में सम्पूर्ण मंत्र स्पष्ट और व्यवस्थित रूप से लिखा होता है, जिससे अभ्यास करते समय ध्यान भंग नहीं होता। यह साधक के लिए विशेष रूप से उपयोगी होता है जो अभिषेक के समय सही ढंग से मंत्र का पालन करना चाहते हैं।

मंत्र का वीडियो और ऑडियो

इसके वीडियो और ऑडियो संसाधन मंत्र की सही लय, उच्चारण और भावपूर्ण ऊर्जा को अनुभव करने में मदद करते हैं। ऑडियो साधक को मंत्र की ऊर्जा महसूस कराता है और ध्यान की गुणवत्ता बढ़ाता है। वीडियो में मंत्र का क्रम और अभिषेक प्रक्रिया का निर्देशन होता है, जिससे भक्त बिना किसी गलती के अभ्यास कर सकता है।

इसका नियमित अभ्यास भक्त को मानसिक स्थिरता, आत्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव प्रदान करता है। इसे जपने से हृदय में शांति और संतुलन उत्पन्न होता है। मंत्र का अनुभव केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, ध्यान और आत्मिक शक्ति विकसित करता है। लेकिन इस पाठ के लाभ आपको तभी प्राप्त होंगे जब आप सही जाप विधि के अनुसार मंत्र जपेंगे ।

FAQ

भगवान शिव जी का अभिषेक किसको करना चाहिए ?

अभिषेक के समय कितने और कैसे बेलपत्र चढ़ाना चाहिए ?

भगवान शिव का अभिषेक क्यों करना चाहिए ?

शिवलिंग पर सुबह  कितने बजे जल चढ़ाना चाहिए ?

सुबह 5 बजे से 11 बजे तक चढ़ाना चाहिए।

Spread the love

Leave a Comment